Seismic Retrofitting: भूकंप रेट्रोफिटिंग क्या है और इसका महत्व
Seismic Retrofitting: भूकंप रेट्रोफिटिंग क्या है और इसका महत्व प्रस्तावना भारत जैसे भूकंप प्रवण क्षेत्रों में भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है। कई बार पुराने भवन या कमजोर डिज़ाइन वाले स्ट्रक्चर भूकंप में गिर जाते हैं और जान-माल का भारी नुकसान होता है। इसी समस्या से बचने के लिए Seismic Retrofitting (भूकंप रेट्रोफिटिंग) तकनीक अपनाई जाती है। यह पुरानी या कमजोर इमारतों को बिना तोड़े-मरोड़े और तोड़े-बदलाव किए मजबूत बनाने का तरीका है। Seismic Retrofitting क्या है? Seismic Retrofitting का अर्थ है – किसी बने हुए भवन को इस तरह मजबूत करना कि वह भूकंप आने पर गिर न जाए। यह खासकर उन इमारतों पर लागू होता है जो पुराने हैं या जिनमें डिज़ाइन और निर्माण सामग्री की कमियाँ हैं। Seismic Retrofitting की आवश्यकता क्यों होती है? 1. पुरानी इमारतें पुराने समय में बनाए गए घर और इमारतें आधुनिक भूकंप रोधी मानकों के अनुसार नहीं बनी होतीं। 2. डिज़ाइन की खामियाँ कुछ इमारतों का डिज़ाइन ऐसा होता है कि वे भूकंप के झटकों को सहन नहीं कर पातीं। 3. कमजोर सामग्री भवन निर्माण में यदि ईं...